143 साल पुराना है गुजरात का मोरबी ब्रिज, राजा दरबार में जाने के लिए करते थे ब्रिज का इस्तेमाल।

Posted by - November 1, 2022

मोरबी ब्रिज का इतिहास बेहद पुराना है। ब्रिटिश इंजीनियरिंग का नमुना था ये मोरबी ब्रिज। लेकिन 30 अक्टूबर को हुआ बेहद दुखद हादसा जिसमें ब्रिज टूटने से कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। आइए जानते है इस ब्रिज से जुड़ी ख़ास बातें। गुजरात के मोरबी की शान कहलाने वाला केबल ब्रिज 143

प्रधानमंत्री ने गुजरात में गांधीनगर और मुंबई के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई।

Posted by - September 30, 2022

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गांधीनगर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस को गांधीनगर स्टेशन पर हरी झंडी दिखाकर रवाना  किया और वहां से कालूपुर रेलवे स्टेशन तक उस ट्रेन से यात्रा की। जब वे गांधीनगर स्टेशन पहुंचे, तो प्रधानमंत्री के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल, गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 के ट्रेन के डिब्बों का निरीक्षण किया और ऑनबोर्ड सुविधाओं का जायजा लिया।श्री मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 के लोकोमोटिव इंजन के कंट्रोल सेंटर का भी निरीक्षण किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने गांधीनगर और मुंबई के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के नए और उन्नत वर्जन को हरी झंडी दिखाई और वहां से कालूपुर रेलवे स्टेशन तक ट्रेन से यात्रा की। प्रधानमंत्री ने रेल कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों, महिला उद्यमियों और अनुसंधानकर्ताओं और युवाओं सहित अपने सह-यात्रियों के साथ भी बातचीत की। उन्होंने वंदे भारत ट्रेनों को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले श्रमिकों, इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों के साथ भी बातचीत की। गांधीनगर और मुंबई के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 गेम चेंजर साबित होगी और भारत के दो व्यापारिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी। इससे गुजरात के कारोबारियों को अहमदाबाद से गांधीनगर आने जाने के दौरान हवाई यात्रा जैसी सुविधाएं प्राप्त होगी और उन्हेंहवाई जहाज के महंगे किराए का वह भी नहीं उठाना होगा। गांधीनगर से मुंबई तक वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 से एक तरफ की यात्रा में लगभग 6-7 घंटे का समय लगने का अनुमान है। वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 का महत्व वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 कई बेहतरीन और विमान यात्रा जैसा अनुभव प्रदान करता है। यह उन्नत अत्याधुनिक सुरक्षा  सुविधाओं से लैस है, जिसमें स्वदेशी रूप से विकसित ट्रेन टक्कर-रोधी प्रणाली-कवच शामिल है। वंदे भारत 2.0 अधिक उन्नत  और बेहतर सुविधाओं से लैस है। गति और वजन केवल 52 सेकंड में इसकी गति 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी और इसकी अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटेतक होगी। 430 टन के पिछले वर्जन की तुलना में इस उन्नत वंदे भारत एक्सप्रेस का वजन 392 टन होगा। इसमें वाई -फाई कंटेंट ऑन डिमांड की सुविधा भी होगी यात्रियों के लिए सूचना एवं मनोरंजन के लिए प्रत्येक कोच में 32 इंच की स्क्रीन लगी होगी, जबकि इसके पिछले वर्जन में 24 इंच की स्क्रीन लगी थी। पर्यावरण के लिए लाभकारी वंदे भारत एक्सप्रेस भी पर्यावरण के अनुकूल होने जा रही है, क्योंकि इसमें लगी वातानुकूलित प्रणाली में बिजली की 15 प्रतिशत कम खपत होगी। ट्रैक्शन मोटर की धूल रहित स्वच्छ वायु कूलिंग के साथ, यात्रा अधिक आरामदायक हो जाएगी। साइड रिक्लाइनर सीट की सुविधा जो पहले केवल एक्जीक्यूटिव क्लास के यात्रियों को प्रदान की जाती थी, अब सभी वर्गों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। एक्जीक्यूटिव कोच में 180 डिग्री घूमने वाली सीटों की अतिरिक्त सुविधा है। वंदे भारत एक्सप्रेस के नए डिजाइन में, हवा को शुद्ध करने के लिए, रूफ-माउंटेड पैकेज यूनिट (आरएमपीयू) में एक फोटो-कैटेलिटिक अल्ट्रावायलेट वायु शुद्धीकरण प्रणाली स्थापित की गई है। सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स ऑर्गनाइजेशन (सीएसआईओ), चंडीगढ़ की सिफारिश के अनुसार, इस सिस्टम को आरएमपीयू के दोनों सिरों पर डिजाइन और स्थापित किया गया है, ताकि बाहर की ताजी हवा और वापसी हवा को छानकर साफ किया जा सके और उसके साथ आने वाले कीटाणुओं, बैक्टीरिया, वायरस आदि से मुक्त किया जा सके।