दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की पहल, किसानों में बांटेगीं बीज मिनीकिट

Posted by - September 23, 2022

बीज अपने आप में एक संपूर्ण प्रौद्योगिकी का स्वरूप है। इसमें फसलों की उत्पादकता को लगभग 20-25 प्रतिशत तक बढ़ाने की क्षमता है। खेती के लिए अच्छे बीजों की उपलब्धता से उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि होती है। इससे किसानों के लिए उच्च आय के अलावा कृषि की इको-सिस्टम और देश की अर्थव्यवस्था को समग्र

भारत ने अमेरिका भेजी, वनस्पति आधारित मांस उत्पाद की पहली खेप

Posted by - September 22, 2022

अभिनव कृषि प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिये केंद्र ने सर्वोच्च निर्यात संवर्धन संस्था– कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात प्राधिकरण एपीडा के जरिये वीगन (शाकाहारी और दुग्ध उत्पादों से रहित) खाद्य श्रेणी के अंतर्गत वनस्पति आधारित मांस उत्पादों Plant Based Meat Production की पहली खेप का निर्यात किया है। यह

साल 2022 में अप्रैल से मई के दौरान 84 लाख टन के पार मूंगफली का निर्यात

Posted by - September 18, 2022

चालू खरीफ सीजन के दौरान मूंगफली का रकबा बीते साल से पीछे चल रहा है….कृषि मंत्रालय की ओर से 29 जुलाई को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार… साल 2022 में खरीफ मूंगफली की बुवाई 37 लाख 41 हजार हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि बीते साल इस दौरान मूंगफली की खेती 41 लाख 32 हजार हेक्टेयर

क्या आप जानते है साल 2020-21 के दौरान 7 गुना बढ़ा मक्का का निर्यात

Posted by - September 18, 2022

देश से होने वाले मक्का के निर्यात में इजाफा देखने को मिला है वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान निर्यात में 7 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वाणिज्य मंत्रालय की संस्था एपीडा के अनुसार 2020-21 के दौरान देश से 28 लाख 79 हजार टन मक्का का निर्यात हुआ है जबकि वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान देश से सिर्फ 3 लाख 70 हजार

भारत ने सीजन 2022 के दौरान लद्दाख ने 35 एमटी ताजा खुबानी का निर्यात किया।

Posted by - September 16, 2022

सरकार लद्दाख की खुबानी का निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर रही है… इसी मकसद के तहत  खुबानी मूल्य श्रृंखला के हितधारकों को सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है… वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ये काम एपीडा के माध्यम से  ‘लद्दाख एप्रिकोट’ यानी लद्दाख खुबानी ब्रांड के तहत कर रहा है… दूसरी ओर एपीडा

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिठास घोल रहा है भारतीय गुड़

Posted by - September 16, 2022

देश में गुड़ को 3000 सालों से आयुर्वेदिक चिकित्सा में मीठे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। गुड़ के खनिज तत्व में कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, पोटेशियम, लौह, जिंक और कुछ मात्रा तांबे की भी होती है। इसलिए गुड़ को ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। खेतों में कई महीने तक फसल लगने के बाद किसान गन्ना काटते हैं, उसकी कोल्हू में पेराई करते हैं