भारत में 74 साल बाद आज हुआ चीतों का दीदार।

116 0

भारत में करीब 70 साल के बाद एक बार फिर चीते दिखाई दिए हैं। इन चीतों को नामीबिया से विशेष विमान के ज़रिए लाया गया है। इन चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रखा गया है। पूरी दुनिया में हज़ारों की तादाद में चीते मौजूद हैं। शनिवार को भारत में जिस देश से चीते लाए गए उसका नाम है नामीबिया। नामीबिया में भी चीतों की संख्या हज़ारों में हैं।

नाबीमिया से भारत लाकर बसाए गए चीतों की भूख मिटाने के लिए कूनो नेशनल पार्क में कई चीतल छोड़े गए हैं। इसकी वजह यह है कि चीतल चीतों का पसंदीदा शिकार होते हैं। भारत में लाए गए 8 चीतों को नामीबिया के अलग-अलग जंगलों से पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि जिस जंगल में इन चीतों को बसाया जा रहा है वहां चीतल और हिरणों की संख्या काफ़ी ज़्यादा है।
दरअसल भारत में करीब 74 साल पहले ही चीते विलुप्त हो गए है, जिस वजह से चीतों की प्रजाति को दोबारा भारत लाकर बसाने की योजना बनाई गई।

बता दें कि भारत में एक समय महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिसा और तमिलनाडु में मुख्य रुप से चीते पाए जाते थे। उस वक्त बड़े पैमाने पर इन चीतों का शिकार किया जाता था जिसके कारण चीतों की संख्या दिनों दिन घटने लगी।

बताया जा रहा है कि नामीबिया से लाए गए इन चीतों को कुछ समय के लिए खास तौर पर बनाए गए बाड़ों के अंदर रखा जाएगा. इसके बाद, इन्हें जंगल में छोड़ दिया जाएगा। ज़िहार है कि वाइल्डलाइफ़ ट्रांसलोकेशन की दिशा में यह एक बड़ा और सराहनीय कदम है।

Related Post

प्रधानमंत्री ने गुजरात में गांधीनगर और मुंबई के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई।

Posted by - September 30, 2022 0
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गांधीनगर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस को गांधीनगर स्टेशन पर हरी झंडी दिखाकर रवाना  किया और वहां से कालूपुर रेलवे स्टेशन तक उस ट्रेन से यात्रा की। जब वे गांधीनगर स्टेशन पहुंचे, तो प्रधानमंत्री के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल, गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 के ट्रेन के डिब्बों का निरीक्षण किया और ऑनबोर्ड सुविधाओं का जायजा लिया।श्री मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 के लोकोमोटिव इंजन के कंट्रोल सेंटर का भी निरीक्षण किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने गांधीनगर और मुंबई के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के नए और उन्नत वर्जन को हरी झंडी दिखाई और वहां से कालूपुर रेलवे स्टेशन तक ट्रेन से यात्रा की। प्रधानमंत्री ने रेल कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों, महिला उद्यमियों और अनुसंधानकर्ताओं और युवाओं सहित अपने सह-यात्रियों के साथ भी बातचीत की। उन्होंने वंदे भारत ट्रेनों को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले श्रमिकों, इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों के साथ भी बातचीत की। गांधीनगर और मुंबई के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 गेम चेंजर साबित होगी और भारत के दो व्यापारिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी। इससे गुजरात के कारोबारियों को अहमदाबाद से गांधीनगर आने जाने के दौरान हवाई यात्रा जैसी सुविधाएं प्राप्त होगी और उन्हेंहवाई जहाज के महंगे किराए का वह भी नहीं उठाना होगा। गांधीनगर से मुंबई तक वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 से एक तरफ की यात्रा में लगभग 6-7 घंटे का समय लगने का अनुमान है। वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 का…

Leave a comment

Your email address will not be published.