भारत ने इस साल कितना किया हल्दी का निर्यात?

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घरेलू स्तर पर मसाले की खेती में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसका असर वैश्विक बाजार में भारतीय मसालों के निर्यात मांग पर पड़ा है। हर साल भारतीय मसालों की मांग अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़ती जा रही है… भारतीय मसाला बोर्ड की ओर से जारी ताजा आंकड़ो के अनुसार साल 2021-22 के दौरान कुल मसालों का निर्यात 15 लाख 31 हजार 154 टन के पार पहुंच गया है…

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़ी भारतीय हल्दी की मांग

भारत दुनिया में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है। दुनिया का 60 प्रतिशत हल्दी का निर्यात केवल भारत ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करता है। हालांकि इस साल देश से होने वाले हल्दी के निर्यात में कमी देखने को मिली है… बीते साल के मुकाबले साल 2021-22 के दौरान हल्दी का निर्यात 15 प्रतिशत घटा है… भारतीय मसाला बोर्ड की ओर से हाल ही में जारी ताजा आंकड़ो के  मुताबिक…. साल 2020-21 के दौरान हल्दी का निर्यात 1 लाख 83 हजार 868 टन का हुआ था… जबकि साल 2021-22 के दौरान हल्दी के निर्यात में 30 हजार 714 टन की कमी आई और निर्यात 1 लाख 53 हजार 154 टन का ही हो सका।  

भारत ने कहां कहां किया हल्दी का निर्यात

बता दें कि भारत हल्दी का निर्यात फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, नीदरलैंड, और ऑस्ट्रेलिया के अलावा दूसरे कई देशों में करता है। 

भारत के किन राज्यों में होती है हल्दी की खेती

भारत में हल्दी की सबसे ज्यादा खेती आंध्र प्रदेश में होती है. इसके बाद ओडिशा और तमिलनाडु का स्थान आता है. महाराष्ट्र में भी हल्दी की खेती होती है. आंध्र प्रदेश का देश के हल्दी उत्पादन में करीब 40 फीसदी का योगदान है. इसके अलावा केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मेघालय, असम में भी हल्दी की खेती की जाती है।

वहीं हल्दी की पैदावार पर नजर डालें तो… इस साल हल्दी की उपज में बढ़त हो सकती है.. साल 2021-22 के दौरान देश में हल्दी की उपज में 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है। कृषि मंत्रालय की ओर से बागवानी फसलों के लिए जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक इस साल देशभर में हल्दी की पैदावार 13  लाख 31 हजार टन होने का अनुमान है जबकि  बीते साल की समान अवधि के दौरान उपज 11 लाख 24 हजार टन ही रही थी। 

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Posted by - September 23, 2022 0
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