भारत ने अमेरिका भेजी, वनस्पति आधारित मांस उत्पाद की पहली खेप

20 0

अभिनव कृषि प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिये केंद्र ने सर्वोच्च निर्यात संवर्धन संस्था– कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात प्राधिकरण एपीडा के जरिये वीगन (शाकाहारी और दुग्ध उत्पादों से रहित) खाद्य श्रेणी के अंतर्गत वनस्पति आधारित मांस उत्पादों Plant Based Meat Production की पहली खेप का निर्यात किया है। यह निर्यात गुजरात के खेड़ा जिले के नादियाड़ से अमेरिका के कैलीफोर्निया किया गया है।

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी ताजा जानकारी के मुताबिक

विकसित देशों में वीगन खाद्य उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता के मद्देनजर वनस्पति आधारित खाद्य उत्पादों में अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को निर्यात करने की अपार क्षमता है, क्योंकि इसमें उच्च गुणवत्ता वाले पोषक तत्‍व होते हैं। इसमें रेशे अधिक होते हैं और कोलोस्ट्रॉल की मात्रा बेहद कम होती है। इसलिये वीगन खाद्य उत्पाद पूरे विश्व में वैकल्पिक खाद्य उत्पाद बनते जा रहे हैं।

नादियाड़ से जो पहली खेप अमेरिका निर्यात की गई है, उसमें वीगन उत्पाद हैं, जैसे मोमोज़, मिनी समोसे, पैटीज़, नगेट्स, स्प्रिंग रोल्स, बर्गर, आदि। खेड़ा जिला प्रशासन ने लॉजिस्टिक्स सहायता प्रदान की है।

नये विदेशी गंतव्यों की खोज पर जोर देते हुये एपीडा  के अध्यक्ष डॉ. एम. अंगमुथ्थू ने कहा कि एपीडा बड़े पैमाने पर वनस्पति आधारित मांस उत्पादों को प्रोत्साहन देने के लिये काम कर रहा है, जिसमें पारंपरिक पशु आधारित मांस निर्यात बाजार में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है।

इस अवसर पर खेड़ा के जिला मजिस्ट्रेट श्री के.एल. बछानी ने भावी निर्यात सम्बंधी गतिविधियों के लिये एपीडा  को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया। श्री बछानी ने कहा, “एपीडा, गुजरात के क्षेत्रीय प्रमुख के प्रयासों से यह संभव हो पाया है कि नादियाड़ से अमेरिका को वनस्पति आधारित खाद्य उत्पादों की पहली खेप रवाना की गई है।”

वीगन खाद्य उत्पादों का निर्यात

वीगन खाद्य उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए एपीडा ने योजना बनाई है, जिसमें पैनकेक, स्नैक्स, चीज़ आदि शामिल हैं, जिन्हें आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया, इजरायल, न्यूजीलैंड और अन्य देशों को निर्यात किया जायेगा।

एपीडा, गुजरात के क्षेत्रीय प्रमुख ने कहा कि एपीडा  के निर्यात बास्केट में अधिक से अधिक वनस्पति आधारित मांस उत्पादों को जोड़ना चाहिये। वनस्पति आधारित खाद्य उत्पादों की पहली खेप को ग्रीन-नेस्ट और होलसम फूड्स ने निर्यात किया था।

कई निर्यात संवर्धन गतिविधियों और पहलों की शुरुआत एपीडा ने की है। इसके लिये वर्चुअल पोर्टलों का विकास किया जा रहा है, ताकि वर्चुअल व्यापार मेलों, फार्मर कनेक्ट पोर्टल, ई-ऑफिस, हॉर्टी-नेट ट्रेसेबिलिटी प्रणाली, क्रेता-विक्रेता मुलाकात, उत्पाद सम्बंधी अभियान आदि गतिविधियां चलाई जायेंगी।

निर्यात को प्रोत्साहित करने और अवसंरचना के निर्माण के लिये एपीडा राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।

एपीडा निर्यात परीक्षण और अवशेष निगरानी योजना के लिये मान्यताप्राप्त प्रयोगशालाओं के उन्नयन तथा उन्हें मजबूत बनाने में सहायता कर रहा है। एपीडा  कृषि उत्पादों के निर्यात को तेज करने के लिये अवसंरचना विकास, गुणवत्ता सुधार और बाजार विकास में भी सहायता दे रहा है।

अतंर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में निर्यातकों की भागीदारी भी एपीडा सुनिश्चित करता है। इस तरह निर्यातकों को एक मंच मिल जाता है, जहां वे विश्व बाजार में अपने खाद्य उत्पाद उतार सकते हैं। एपीडा आहार, जैविक विश्व कांग्रेस, बायो-फैक इंडिया, आदि जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों का भी आयोजन करता है, ताकि कृषि-निर्यात को प्रोत्साहित किया जा सके।

निर्यात किये जाने वाले उत्पादों की गुणवत्ता का निर्बाध प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के लिये एपीडा ने देशभर में 220 प्रयोगशालाओं को मान्यता दी है, जो निर्यातको के उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला के परीक्षण की सेवायें प्रदान करती हैं।

Related Post

प्रधानमंत्री ने गुजरात में गांधीनगर और मुंबई के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई।

Posted by - September 30, 2022 0
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गांधीनगर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस को गांधीनगर स्टेशन पर हरी झंडी दिखाकर रवाना  किया और वहां से कालूपुर रेलवे स्टेशन तक उस ट्रेन से यात्रा की। जब वे गांधीनगर स्टेशन पहुंचे, तो प्रधानमंत्री के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल, गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 के ट्रेन के डिब्बों का निरीक्षण किया और ऑनबोर्ड सुविधाओं का जायजा लिया।श्री मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 के लोकोमोटिव इंजन के कंट्रोल सेंटर का भी निरीक्षण किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने गांधीनगर और मुंबई के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के नए और उन्नत वर्जन को हरी झंडी दिखाई और वहां से कालूपुर रेलवे स्टेशन तक ट्रेन से यात्रा की। प्रधानमंत्री ने रेल कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों, महिला उद्यमियों और अनुसंधानकर्ताओं और युवाओं सहित अपने सह-यात्रियों के साथ भी बातचीत की। उन्होंने वंदे भारत ट्रेनों को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले श्रमिकों, इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों के साथ भी बातचीत की। गांधीनगर और मुंबई के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 गेम चेंजर साबित होगी और भारत के दो व्यापारिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी। इससे गुजरात के कारोबारियों को अहमदाबाद से गांधीनगर आने जाने के दौरान हवाई यात्रा जैसी सुविधाएं प्राप्त होगी और उन्हेंहवाई जहाज के महंगे किराए का वह भी नहीं उठाना होगा। गांधीनगर से मुंबई तक वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 से एक तरफ की यात्रा में लगभग 6-7 घंटे का समय लगने का अनुमान है। वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 का…

Leave a comment

Your email address will not be published.