देश से बढ़ा बासमती और गैर बासमती चावल का निर्यात, कुल चावल निर्यात 73 लाख टन के पार।

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भारत दुनिया के सबसे बड़े चावल निर्यातकों में से एक है, वैश्विक बाजार में भारतीय चावल का दबदबा बना हुआ है, भारत दूसरे देशों के मुकाबले अच्छी गुणवक्ता और सस्ता चावल वैश्विक बाजार में उपलब्ध कराता है… यही वजह है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय चावल की मांग लगातार बढ़ रही है।

बासमती चावल का निर्यात

एपीडा की ओर से जारी ताजा आंकड़ो के अनुसार… भारत ने साल 2022 में अप्रैल से जुलाई महीने के दौरान करीब 73 लाख 20 हजार 227 टन कुल चावल का निर्यात किया है। बासमती चावल के निर्यात पर नजर डालें तो साल 2022 में अप्रैल से जुलाई के बीच बासमती चावल के निर्यात में बढ़त देखने को मिली है बीते 4 महीने के दौरान बासमती चावल का निर्यात 15 लाख 5 हजार 739 टन का हुआ है. जो बीते साल इस दौरान 14 लाख 30 हजार 472 टन रहा था। 

गैर बासमत्ती चावल का निर्यात

वहीं बात गैर बासमती चावल के निर्यात की करें तो… साल 2022 में अप्रैल से जुलाई महीने के दौरान देश से होने वाला गैर बासमती चावल का निर्यात बीते साल के मुकाबले बढ़ा है। एपीडा के मुताबिक गैर बासमती चावल के निर्यात में  5 लाख 28 हजार 958 टन की बढ़ोत्तरी देखने को मिली है.. साल 2022 में बीते 4 महीने के दौरान देश गैर बासमती चावल का निर्यात 58 लाख 14 हजार 488 टन का हुआ है, जबकि बीते साल इस दौरान निर्यात महज 52 लाख 85 हजार 530 टन का हुआ था।

भारत किन देशों को करता है चावल का निर्यात

भारत चावल का निर्यात अफ्रीका और एशियाई देशों के अलावा दूसरे कई देशों में करता है।  

चालू खरीफ सीजन में धान की बुवाई

चालू खरीफ सीजन में धान की बुवाई बीते साल से पीछे चल रही है। कृषि मंत्रालय की ओर से 30 सितंबर को जारी ताजा आंकड़ो के मुताबिक धान की बुवाई का क्षेत्रफल बीते साल के मुकाबले 20 लाख 19 हजार हेक्टेयर पीछे चल रही है। साल 2022 के दौरान खरीफ धान की बुवाई 4 करोड़ 2 लाख 88 हजार हेक्टेयर में हो पाई है… जबकि बीते साल इस दौरान धान की खेती 4 करोड़ 23 लाख 4 हजार हेक्टेयर में हुई थी।

साल 2022-23 के दौरान खरीफ धान का उत्पादन

बता दें कि घरेलू स्तर पर इस साल खरीफ धान की पैदावार में कमी देखने को मिल सकती है.. बीते साल के मुकाबले साल 2022-23 के दौरान धान की उपज में 25 लाख टन कमी आने का अनुमान है जिसका असर कृषि उपज मंडियों में धान के बाजार भाव पर पड़ सकता है कृषि मंत्रालय की ओर से हाल ही में जारी पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक साल 2022-23 के दौरान धान की कुल उपज 10 करोड़ 49 लाख 90 हजार टन होने का अनुमान है जबकि साल 2021-22 के दौरान खरीफ धान की पैदावार 13 करोड़ 2 लाख 29 हजार टन रही थी।

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