देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति: द्रौपदी मुर्मू

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द्रौपदी मुर्मू देश की नई राष्ट्रपति बनने जा रही हैं और वह देश की 15वीं राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। वह भारत की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी। 25 जुलाई को वह राष्ट्रपति पदे के लिए शपथ लेंगी। वहीं मौजूदा राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। ओडिशा के मयूरगंज ज़िले के बैदपोसी गांव में 20 जून 1958 को जन्मी द्रौपदी मुर्मू ने विपक्षी दलों के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को बड़े अंतर से हरा दिया। इससे पहले मुर्मू झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं।

आगामी 25 जुलाई को द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी। देश के प्रधानमंत्री ने अपने ट्विटर हेंडल से होने वाली राष्ट्रपति को बधाई दी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जीवन

मुर्मू के निजी जीवन पर नज़र डालें, तो उनकी शादी श्यामाचरण मुर्मू से हुई, जिनसे उन्हें चार बच्चे हुए। इनमें दो बेटी और दो बेटे शामिल हैं, हालांकि साल 1984 में उनकी एक बेटी की मौत हो गई थी। उनका बचपन बेहद गरीबी में बीता।

द्रौपदी मुर्मू देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी। इतना ही नहीं, मुर्मू ऐसी पहली महिला राष्ट्रपति भी होंगी जिनका जन्म आज़ादी के बाद हुआ है। इसके अलावा मुर्मू के राष्ट्रपति बनने से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि वह ओडिशा से आने वाली पहली राष्ट्रति होंगी, क्योंकि इससे पहले ओडिशा से कोई भी राष्ट्रपति नहीं बना। वह ऐसी पहली आदिवासी महिला हैं जो राष्ट्रपति पद तक पहुंची हैं। जिस वक्त मुर्मू राष्ट्रपति पद के लिए शपथ लेंगी उस वक्त उनकी उम्र 64 साल की होगी।

मुर्मू के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री समेत सभी बड़े नेताओं की ओर से बधाई संदेश आने लगे। चुनाव आयोग के अनुसार, 18 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए हुई वोटिंग में मुर्मू को कुल 6 लाख 76 हज़ार 803 वोट मिले जबकि विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 3 लाख 80 हज़ार 177 वोट ही मिल सके। ज़ाहिर है कि इस चुनाव में पहले से ही मुर्मू की जीत तय मानी जा रही थी।

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