जब दुनिया सो रही थी। नासा के स्पेसक्राफ़्ट ने बचायी धरती

64 0

कल रात जब आप और हम चैन की नींद सो रहे थे, तब नासा ने हमारी धरती को बचाने के लिए उल्कापिंड के टुकड़े टुकड़े कर दिए। ये उल्कापिंड धरती से कुछ ही दूरी पर था। नासा का स्पेस्क्राफ़्ट उस उल्कापिंड से टकराया।

नासा NASA का डार्ट मिशन DART Mission डिडिमोस एस्टेरॉयड के चंद्रमा डाइमॉरफोस से सफलतापूर्वक टक्काया। नासा के मिशन का मकसद है कि भविष्य में अगर धरती पर ऐसे कोई एस्टेरॉयड हमला करते है तो इसे हमारी पृथ्वी को बचाया जा सकता है। अब आप सोच रहे होंगें की ये स्पेसक्राफ्ट काम कैसे करेगा? दरअसल भविष्य में जैसी ही एस्टेरॉयड के आने का पता चलेगा तो स्पेसक्राफ्ट धरती से अंतरिक्ष की ओर छोड़ दिया जाएगा। ताकि स्पेसक्राफ्ट अपने लक्ष्य तक पहुंच जाए।

नासा ने अपनी इस सफलता से इतिहाल को बदल कर रख दिया, ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी प्लैनेटरी डिफेंस टेस्ट यानी डार्ट मिशन में सफलता हासिल हुई हो। यदि भविष्य में कभी भी इस तरह के एस्टेरॉयड हमारी धरती पर हमला करते है तो धरती को इस तकनीक की सहायता से बचाया जा सकता है। जानकारों की माने तो भविष्य में हमारे नीले गोले को सबसे ज्यादा खतरा एस्टेरॉइड से है। हालांकि जलवायु में बदलाव और ग्लोबल वॉर्मिग से भी हमारी धरती को बेहद नुकसान पहुंच रहा है।

नासा के मुताबिक डार्ट मिशन ने 27 सितंबर 2022 को सुबह 4.45 मिनट पर एस्टेरॉयड डिडिमोस (Didymos) के चंद्रमा जैसे पत्थर डाइमॉरफोस (Dimorphos) से टकराया. डार्ट यानी (Double Asteroid Redirection Test – DART). मकसद पूरा हो चुका है. स्पेसक्राफ्ट ने एस्टेरॉयड से टक्करा चुका है. हालांकि अभी तक डाइमॉरफोस किस दिशा में मुड़ा है. इसका डेटा आने में छोड़ा समय लग सकता है।

Related Post

नवंबर महीने की शुरुआत में बदल जाएगें सिलेंडर, बिजली, इंश्योरेंस और GST के नियम।

Posted by - October 31, 2022 0
अक्टूबर महीना खत्म होते ही नवंबर की शुरुआत में सिंलेंडर, बिजली, इंश्योरेंस और GST में महत्वपुर्ण बदलाव होने वाले है,…

14 राज्यों को 7,183.42 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान जारी किया गया।

Posted by - October 7, 2022 0
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने बुधवार को 14 राज्यों को 7,183.42 करोड़ रुपये के अंतरण पश्चात राजस्व घाटा (पीडीआरडी) अनुदान की सातवीं मासिक किस्त जारी की है यह अनुदान राशि पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार जारी की गई है। पंद्रहवें वित्त आयोग ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 14 राज्यों को कुल 86,201 करोड़ रुपये के अंतरण पश्चात राजस्व घाटा अनुदान की सिफारिश की है। यह सिफारिश की गई अनुदान राशि व्यय विभाग द्वारा सिफारिश किए गए राज्यों को 12 समान मासिक किश्तों में जारी की जाएगी। इस सातवीं किस्त के जारी होने के साथ वर्ष 2022-23 में राज्यों को जारी की गई राजस्व घाटा अनुदान की कुल राशि बढ़कर 50,283.92 करोड़ रुपये हो गई है।  संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत राज्यों को अंतरण पश्चात राजस्व घाटा अनुदान प्रदान किया जाता है। यह अनुदान राशि राज्यों के अंतरण पश्चात राजस्व खातों में अंतर को पूरा करने के लिए वित्त आयोगों की क्रमिक सिफारिशों के अनुसार राज्यों को जारी की जाती है।  इस अनुदान को प्राप्त करने के लिए राज्यों की पात्रता और 2020-21 से 2025-26 तक की अवधि के लिए अनुदान की मात्रा का निर्धारण पंद्रहवें आयोग द्वारा राज्य के राजस्व और व्यय के आकलन के बीच के अंतर को ध्यान में रखते हुए किया गया था।  पंद्रहवें वित्त आयोग द्वारा 2022-23 के दौरान जिन राज्यों को अंतरण पश्चात राजस्व घाटा अनुदान की सिफारिश की गई है, उनमें- आंध्र प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, केरल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। वर्ष 2022-23 के लिए सिफारिश किए गए अंतरण पश्चात राजस्व घाटा अनुदान का राज्य-वार विवरण और राज्यों को तीसरी किस्त के रूप में जारी की गई राशि इस प्रकार हैः…

मेदांता में भर्ती मुलायम सिंह यादव की सेहत स्थिर, फिलहाल आईसीयू में

Posted by - October 9, 2022 0
समाजवादी पार्टी के संस्थापक और तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव इन दिनों खराब सेहत…

Leave a comment

Your email address will not be published.