क्या आप जानते है भारत हर साल कितना धनिया निर्यात करता है।

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धनिये की मांग अंतर्राष्ट्रीय बाजार में साल दर साल बढ़ रही है… बीते पांच सालों के मुकाबले इस साल धनिये का निर्यात सबसे ज्यादा हुआ है… वहीं घरेलू स्तर पर धनिये की पैदावार में 20 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिल सकती है जिसका असर कृषि उपज मंडियों में धनिये के भाव पर पड़ सकता है।

पांच सालों में भारत ने कितना किया धनिये का निर्यात

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में धनिये की मांग जोर पकड़ रही है…वैश्विक बाजार में भारतीय धनिये को खासा पसंद किया जा रहा है… साल 2020-21 में धनिये का निर्यात बीते 5 सालों के मुकाबले सबसे ज्यादा रहा है.. भारतीय मसाला बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ो के अनुसार… वित्त वर्ष 2016-17 में धनिये का कुल निर्यात 30 हजार 300 टन का हुआ था… वहीं साल 2017-18 के दौरान धनिये का निर्यात 35 हजार 185 टन रहा..हालांकि साल 2018-19 के दौरान धनिये के निर्यात में बढ़ोत्तरी हुई और निर्यात 48 हजार टन के पार पहुंच गया… इसी तरह वित्त वर्ष 2019-20 में धनिये का  निर्यात 47 हजार 135 टन का हुआ… जबकि साल 2020-21 के दौरान धनिये के निर्यात में खासा इजाफा देखने को मिला… इस साल धनिये का निर्यात बीते साल के मुकाबले 9 हजार 865 टन बढ़कर 57 हजार टन के पार पहुंच गया है।

धनिये की खेती भारत में कहां कहां होती है।

धनिया एक ऐसी फसल  है, जिसे किसान मसालों के रूप में तो बेचते ही है, साथ ही हरे धनिया से भी अच्छा मुनाफा कमा लेते है। भारत में धनिये की खेती मुख्य रुप से पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, बिहार, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में की जाती है।

घरेलू स्तर पर धनिये की पैदावार पर नजर डालें 

पिछले साल के मुकाबले इस साल धनिये की उपज में लगभग 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त अनुमानित है। कृषि मंत्रालय  की ओर से साल 2020-21 के लिए जारी तीसरे आंकलन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देशभर में इस साल 8 लाख 32 हजार टन धनिये की पैदावार होने का अनुमान है जो बीते साल की समान अवधि के दौरान 7 लाख 1 हजार टन की रही थी।

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