इस भारतीय राजा ने Rolls Royce को इस तरह झुकाया था

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रॉल्स-रॉयस Rolls Royce एक ब्रिटिश लग्ज़री ऑटोमोबिल कंपनी है, इसका मालिकाना हक बीएमडब्ल्यू एजी के पास है। साल 1904 में चार्ल्स रॉल्स और हेनरी रॉयस ने रॉल्य रॉयस कंपनी की स्थापना की थी। रॉल्स-रॉयस कार अपनी कीमत, लग्ज़री, और क्वालिटी के लिए दुनियाभर में मशहूर है।

एक समय था जब एक भारतीय राजा ने दुनिया की सबसे मंहगी कार को कचरा उठाने वाली कार बना दिया था।

ये बात है आजादी से पहले की जब, भारत अपनी गुलामी के दिन काट रहा था।… उन दिनों अलवर के राजा जयसिह लंडन घुमने के लिए गए थे…. उन्होने अपने राज घराने के ठाठ बाट और नौकर चाकर को होटल में छोड़कर एक आम इंसान की तरह लंदन की सड़कों की सैर कर रहे थे, कि तभी उनकी नज़र सड़क किनारे रोल्स रॉएस के एक शोरूम पर पड़ी… राजा जय सिंह को गाड़ियों का काफी शौक था…उन्होने मन बना लिया कि वो रोल्य रॉएस को खरीदेंगे, राजा जय सिंह शोरूप में जाकर खड़ी गाड़ियों को देखने लगे… इस दौरान वहां खड़े एक सेल्समेन ने उन्हें भारतीय और गरीब समझ कर शोरूम से निकाल दिया…..

राजा जय सिंह इस बात से काफी नाराज हुए…इसका बदला लेने के लिए राजा दोबारा अपने ठाठ बाट के साथ उस शोरूम पर गए और मुंह मांगे दाम पर वहां खड़ी 7 रोल्स रॉयस गाड़ियों को हाथों हाथ खरीद लिया।

दुनिया की सबसे महंगी कार रॉल्य रॉयस से उठवाया कचरा।

इसके बाद वे इन शानदार रोल्स रॉयस गाड़ियों को भारत लाए और इन गाड़ियों से कचरा उठाने के काम पर लगा दिया गया। धीरे धीरे ये दुनियाभर में यह बाद आग की तरह फैल गई…कि भारत में दुनिया की सबसे मंहगी कार से कचरा उठाया जा रहा है। इससे रॉल्य रॉयस कंपनी की बहुत बदनामी हुई.. जिससे कंपनी की सेल भी घटने लगी।

कंपनी को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने राजा जयसिंह को टेलीग्राम भेजकर उनसे माफी मांगी… साथ ही तोहफे के तौर पर राजा जय सिंह को 6 रोल्स रॉएस गाडियां दी तब जाकर जयसिंह ने उन गाडियों से कचरा उठवाना बंद करवाया था।

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