अगर बार बार आंख या पलकें फड़कती है तो शरीर में हो सकती है इन तत्वों की कमी।

46 0

आमतौर पर आंख या पलकों का फड़कना आम माना जाता है लेकिन बार बार ऐसा हो रहा है तो आप इसे नजरअंदाज ना करें आंखों और पलकों पर आई ऐंठन की वजह से आंखे फड़कती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पलकें और आखें खोलने और बदं करने के लिए जो मासपेशियां काम करती है उसमें ऐंठन आने लगती है।

आंख और पलकों ऐंठन होना एक आम बात है लेकिन आंखों का लाल पड़ जाना, सूरत की रोशनी या तेज लाइट्स में आखों को खोलने में दिक्कत महसूस होना या फिर चेहरे पर कमजोरी का अनुभव होना। अगर आप को इनमे से कोई भी समस्या है तो आप बिना वक्त गंवाए तुरंत डॉक्टर को जरूर दिखाए। आंख फड़कने के कई कारण हो सकते है।

किस वजह से फड़कती है आंख और पलकें।

  1. पोषक तत्वों की कमी होना

कुपोषण होने या शरीर में प्रमुख पोषक तत्वों की कमी के कारण आंख फड़कती है। एक रिसर्च के मुताबिक शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने के कारण मायोकिमिया हो जाता है। इसके अलावा शरीर में विटामिन बी12 की कमी होना, विटामिन डी की कमी और फॉस्फेट की कमी के कारण आंखें और पलके फड़कती है।

इसके अलावा अगर आपके शरीर में कैल्शियम की कमी या अधिकता है तब भी आंख और पलकें फड़कती है। इससे निपटने के लिए आप फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लो फैट मीट, दालें और फलियों का संतुलित आहार ले सकते है।

2. थकान- शरीर में थकान होना भी आंख और पलक के फड़कने का कारण होता है। अगर आप अपनी जीवनशैली को बदलाव करके इस समस्या से निजात पा सकते है। जैसे फरपूर नींद ले, शारीरिक गतिविधि ज्यादा करें, ज्यादा एक्सरसाइज से बचे, शराब और ड्रग्स का कम सेवन

साथ ही खांसी के सीरप और दवाओं का इस्तेमाल कम करने से भी आप थकान कम महसूर करेगें

3. कंप्यूटर विजन सिंड्रोम- अगर आप कंप्यूटर, टैबलेट या स्मार्टफोन की स्क्रीन पर घंटों समय बिताते है तो आपको कंप्यूटर विजन सिंड्रोम हो सकता है लंबे समय तक कंप्यूटर करी स्क्रीन को देखने से आंखों में खिंचाव होने लगता है जो आंख फड़कने का कारण बनती है।

इसके अलावा अगर आप किसी भी वस्तु को बड़े ही ध्यान से देखते है तो इससे आपकी आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है जिसके कारण आंखों में थकान और खिंचाव होता है।

इसे बचने के लिए कंप्यूटर की स्क्रीन पर काम करते वक्त 20 से 30 मिनट का ब्रेक जरूर ले। और स्क्रीन से दूरी बनाए रखें

4. तनाव- कई बार लंबे समय तक तनाव में रहने से भी आंख की पलकें फड़कती है। अगर आप तनाव में है और कैफीन, ड्रग्स या शराब का सेवन कर रहे है इसे तनाव में बढ़ोत्तरी होगी। तनाव से निपटने के लिए व्यायाम और मेडिटेशन जरूर करे।

5. आंखों में ड्रायनेस- आंखों में ड्राईनेस एक ऐसी स्थिति है जबकि आके आंसू आपकी आंखों के लिए जरूरी लुब्रिकेंट उपलब्ध नहीं करा पाती। आसान भाषा में कहें तो, आंसू की तीन परतें है..  पहली फैटी ऑइल्स, दूसरी फ्ल्यूड औऱ तीसरी म्यूकस। आंखों में सफेद और पीले रंग का द्रव का बहता।

Related Post

डायबिटीज होने पर शरीर में कमजोरी को दूर भगा सकता है प्रोटीन का सही मात्रा में सेवर करना।

Posted by - November 14, 2022 0
भारत में लगातार डायबिटीज के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आज की युवा पीड़ी भी तेजी से…

Leave a comment

Your email address will not be published.