अंतर्राष्ट्रीय बाजार पर चढ़ा भारतीय काली मिर्च का स्वाद

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विश्व स्तर पर भारत मसालों के उत्पादक और निर्यातक के रुप में  पहले स्थान जाना जाता है। भारत के मसालों की मांग वैश्विक बाजार में  साल दर साल बढ़ती जा रही है… देश से होने वाले कुल मसालों के निर्यात की बात करें तो… भारतीय मसाला बोर्ड की ओर से हाल ही में जारी ताजा आकड़ो के अनुसार… साल 2021-22 के दौरान देश से कुल मसालों का निर्यात 15 लाख 31 हजार 154 टन का हुआ है।

इस साल कितना हुआ काली मिर्च का निर्यात 

भारतीय मसालों में शामिल काली मिर्च का निर्यात अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस साल बढ़ा है… साल 2021-22 में हुआ काली मिर्च का निर्यात बीते 5 सालों के मुकाबले सबसे ज्यादा रहा है.. भारतीय मसाला बोर्ड की ओर से जारी ताजा आकड़ो के  मुताबिक…बीते साल के मुकाबले इस साल काली मिर्च के निर्यात में 10 प्रतिशत बढत दर्ज की गई है… वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान देश से कुल काली मिर्च का निर्यात 19 हजार 980 टन का हुआ था। जबकि साल 2021-22  के दौरान काली मिर्च के निर्यात में 1 हजार 883 टन की बढ़ोत्तरी हुई और कुल निर्यात 21 हजार 863 टन के पार जा पहुंचा।

घरेलू स्तर पर मसाले की खेती में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिसका असर वैश्विक बाजार में भारतीय मसालों की निर्यात मांग पर पड़ा है। हर साल भारतीय मसालों की मांग अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़ती जा रही है… निर्यात को देखते हुए, देश के किसानों ने  मसालों की खेती पर खासा जोर दिया है…

इस साल कुल मसालों का उत्पादन

कृषि मंत्रालय की ओर से बागवानी फसलों के लिए हाल ही में जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक…देश में साल 2020-21 के दौरान 1 करोड़ 11 लाख 17 हजार टन  मसालों की पैदावार हुई थी, जबकि साल 2021-22 के दौरान कुल मसालों की पैदावार में 2 लाख 10 हजार टन की कमी देखने को मिल सकती है और  कुल उपज 1 करोड़ 9 लाख 7 हजार टन  रहने का अनुमान है कुल मसालों की उपज में मिर्च, जीरा, धनिया, अदरक, हल्दी और काली मिर्च की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही है।

भारत में काली मिर्च का उत्पादन

गर्म मसाले के तौर पर इस्तेमाल होने वाली काली मिर्च की खेती भारत में सबसे ज्यादा केरल में होती है… कुल काली मिर्च की उपज का 98 फीसदी हिस्सा सिर्फ केरल से ही आता है। इसके अलावा तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पुड्डुचेरी में भी काली मिर्च की खेती की जाती है।  कृषि मंत्रालय की ओर से जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार घरेलू स्तर पर इस साल काली मिर्च की पैदावार में कमी का अनुमान  जताया  गया है… साल 2021-22 के दौरान काली मिर्च की पैदावार 97 हजार टन होने का अनुमान है… जबकि साल 2020-21 के दौरान काली मिर्च की उपज 1 लाख 41 हजार टन रही थी।

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